World Autism Awareness Day was celebrated on 02 April
* यह एक अंतरराष्ट्रीय दिवस है जिसमें संयुक्त राष्ट्र
के सदस्य राष्ट्रों को ऑटिज्म से लड़ने तथा इसका निदान करने के लिए प्रोत्साहित किया
जाता है.
02 अप्रैल: विश्व ऑटिज्म जागरुकता दिवस
* विश्वभर में 02 अप्रैल 2019 को अंतरराष्ट्रीय ऑटिज्म जागरुकता दिवस मनाया गया.
इस वर्ष का विषय सहायक तकनीक, सक्रिय भागीदारी है.
यह एक अंतरराष्ट्रीय दिवस है जिसमें संयुक्त राष्ट्र
के सदस्य राष्ट्रों को ऑटिज्म से लड़ने तथा इसका निदान करने के लिए प्रोत्साहित
किया जाता है.
* इस दिन उन बच्चों और बड़ों के जीवन में सुधार के कदम
उठाए जाते हैं, जो ऑटिज्म ग्रस्त होते हैं और उन्हें सार्थक जीवन बिताने में सहायता दी
जाती है. नीला रंग ऑटिज्म का प्रतीक माना गया है.
उद्देश्य:
* इस दिवस का उद्देश्य
ऑटिज्म से ग्रस्त बच्चों तथा बड़ों के जीवन में सुधार हेतु कदम उठाना और उन्हें
सार्थक जीवन व्यतीत करने में मदद करना है. यह प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र महासभा में
मतदान के बिना अपनाया गया.
* इसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा मानव अधिकारों में सुधार
के लिए पूरक के रूप में अपनाया गया. विश्व ऑटिज्म दिवस संयुक्त राष्ट्र द्वारा
स्वास्थ्य संबंधी मनाये जाने वाले चार दिवसों में से एक है.
आटिज्म क्या है?
• ऑटिज्म मस्तिष्क विकास में उत्पन्न बाधा संबंधी विकार है.
• ऑटिज्म से ग्रसित व्यक्ति दूसरों से अलग स्वयं में खोया रहता है.
• व्यक्ति के विकास संबंधी समस्याओं में ऑटिज्म तीसरे स्थान पर है. अर्थात्
व्यक्ति के विकास में बाधा पहुंचाने वाले मुख्य कारणों में ऑटिज्म भी जिम्मेदार
है.
• ऑटिज्म के रोगी को मिर्गी के दौरे भी पड़ सकते हैं.
• ऑटिज्म पूरी दुनिया में फैला हुआ है. एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2010 तक विश्व में तकरीबन 7 करोड़ लोग ऑटिज्म से प्रभावित थे.
• जिन बच्चों में यह रोग होता है उनका विकास अन्य बच्चों से असामान्य होता
है, साथ ही इसकी वजह से उनके न्यूरोसिस्टम पर विपरीत प्रभाव पड़ता है.
पृष्ठभूमि:
* संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 62/139 प्रस्ताव के तहत इसका निर्धारण किया गया. इसे काउंसिल द्वारा 1 नवंबर 2007 को पारित किया गया जबकि 18 दिसंबर 2007 को अपनाया गया. संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2007 में दो अप्रैल को विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस घोषित किया था.




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