Indian Army seeks wreck of aircraft used in World War II
* भारतीय
सेना के 12 सदस्यीय
गश्ती दल ने पुलिस के साथ मिलकर 30 मार्च 2019 को अरूणाचल प्रदेश के रोइंग जिले
से अमेरिकी वायुसेना के एक विमान का मलबा खोज निकाला, जो द्वितीय विश्व युद्ध के समय
का है.
* भारतीय सेना ने द्वितीय विश्व युद्ध में इस्तेमाल किए गए
अमेरिकी वायुसेना के एक विमान का मलबा खोजा है. भारतीय सेना ने 04 अप्रैल 2019 को ट्वीट कर यह जानकारी दी.
* भारतीय
सेना के 12 सदस्यीय
गश्ती दल ने पुलिस के साथ मिलकर 30 मार्च 2019 को अरूणाचल प्रदेश के रोइंग जिले
से अमेरिकी वायुसेना के एक विमान का मलबा खोज निकाला, जो द्वितीय विश्व युद्ध के समय
का है.
मुख्य बिंदु:
•
भारतीय
सेना के गश्ती दल को विमान का मलबा पांच फुट नीचे बर्फ में दबा मिला.
•
मलबे के
बारे में निचले दिबांग जिले के स्थानीय पर्वतारोहियों से पुलिस के जरिए मिली
जानकारी के आधार पर सेना के एक विशेष गश्ती दल को रोइंग से 30 किलोमीटर दूर घने जंगलों और
बर्फीले इलाके में भेजा गया.
•
गश्ती दल
को मलबे को खोज निकालने में आठ दिन लग गए. ऐस दुर्गम इलाके में शायद ही कभी कोई
पहुंचा था.
•
घनी झाडि़यां
होने के कारण वायुमार्ग से भी यह इलाका कटा रहा. विमान के पुराने मलबे और युद्ध
में इस्तेमाल हुई चीजों के बरामद होने से कुछ अहम ऐतिहासिक जानकारियां मिलने की
संभावना है.
द्वितीय
विश्वयद्ध:
* द्वितीय विश्वयुद्ध 1939 से 1945 तक चलने
वाला विश्व-स्तरीय युद्ध था. लगभग 70 देशों की
थल-जल-वायु सेनाएँ इस युद्ध में सम्मलित थीं. इस युद्ध में विश्व दो भागों मे
मित्र राष्ट्र और धुरी राष्ट्र में बँटा हुआ था. इस युद्ध में विभिन्न राष्ट्रों
के लगभग 10 करोड़
सैनिकों ने हिस्सा लिया, तथा यह मानव इतिहास का सबसे
ज़्यादा घातक युद्ध साबित हुआ था.
पहले भी मिल इस्तेमाल किए गए
विमान के मलबे:
* इससे पहले
भी उत्तर पूर्व के इलाकों में द्वितीय विश्वयद्ध के समय इस्तेमाल किए गए विमान के
मलबे मिले हैं. जनवरी 1944 में एक B24 बॉम्बर भी
अरुणाचल के दूर दराज क्षेत्र में क्रैश हो गया था. साल 2006 में इसके बारे में पता चला लेकिन
साल 2016 तक ही मलबा बरामद हो सका. मलबे में मानव अवशेष भी मिला था.




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