भारत और ओमान के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास अल नागाह-2019 का समापन
भारतीय सेना और
ओमान की शाही सेना के बीच तीसरा संयुक्त सैन्य अभ्यास अल नगाह- 2019 ओमान के जबल अल अख़ज़र ट्रेनिंग कैम्प में 25 जनवरी 2019 को समाप्त हो गया. इस समापन समारोह में भारत की तरफ से ओमान में भारतीय राजदूत
मनु महावर और मेजर जनरल एके समनतारा ने हिस्सा लिया.
ओमान की शाही सेना
का प्रतिनिधित्व मेजर जनरल मातर बिन सालिम बिन रशीद अल बलूशी और कई वरिष्ठ
अधिकारियों ने किया. दोनों देशों के सैन्य दलों के कमांडरों ने प्रतिनिधिमंडल को
अभ्यास की प्रगति की जानकारी दी.
इस अभ्यास में
दोनों देशों की ओर से 60-60
सैनिकों ने हिस्सा
लिया था. इस अभ्यास का आरम्भ 12 मार्च 2019
को हुआ था. अभ्यास
अल-नगाह से दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत होंगे और संयुक्त राष्ट्र के तहत सैन्य
गतिविधियों के मद्देनजर दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग बढ़ेगा.
उद्देश्य:
इस संयुक्त सैन्य अभ्यास का
उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के
बीच मैत्री संबंध स्थापित करना, संयुक्त ऑपरेशन परिचालित करने
की क्षमता को बढ़ावा देना तथा कौशल एवं अनुभव का आदान-
प्रदान करना है.
• इस युद्ध अभ्यास के द्वारा विभिन्न परिस्थितियों में आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन को पूरा करने के लिए अभ्यास किया गया.
बीच मैत्री संबंध स्थापित करना, संयुक्त ऑपरेशन परिचालित करने
की क्षमता को बढ़ावा देना तथा कौशल एवं अनुभव का आदान-
प्रदान करना है.
• इस युद्ध अभ्यास के द्वारा विभिन्न परिस्थितियों में आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन को पूरा करने के लिए अभ्यास किया गया.
संयुक्त सैन्य अभ्यास अल नगाह:
•
इस युद्ध अभ्यास
में भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व गढ़वाल राइफल्स की 10वीं बटालियन द्वारा किया गया. जबकि ओमान की रॉयल आर्मी का प्रतिनिधित्व जबल
रेजिमेंट द्वारा किया गया.
•
इस चौदह दिवसीय
अभ्यास में दोनों देशों की सेनाओं ने रणनीति तथा हथियार चलाने जैसी कई विधाओं में
अपने अनुभवों को एक-दूसरे से साझा किया.
•
इस प्रकार के
सैन्य अभ्यास से संयुक्त ऑपरेशन परिचालित करने की क्षमता को बढ़ावा मिलेगा.
अल नागाह प्रथम का आयोजन जनवरी 2015 में ओमान के मस्कट में किया गया था. जबकि अल नागाह द्वितीय का आयोजन हिमाचल प्रदेश में मार्च 2017 में किया गया था. भारत और ओमान सुरक्षा संबंधी पिछले कुछ वर्षों से मज़बूत हो रहे हैं तथा यह संयुक्त सैन्य अभ्यास इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
अल नागाह प्रथम का आयोजन जनवरी 2015 में ओमान के मस्कट में किया गया था. जबकि अल नागाह द्वितीय का आयोजन हिमाचल प्रदेश में मार्च 2017 में किया गया था. भारत और ओमान सुरक्षा संबंधी पिछले कुछ वर्षों से मज़बूत हो रहे हैं तथा यह संयुक्त सैन्य अभ्यास इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
खाड़ी क्षेत्र में
मौजूद ओमान भारत का महत्वपूर्ण मित्र राष्ट्र है. दोनों देशों के बीच लम्बे समय से
ऐतिहासिक एवं वाणिज्यिक संबंध रहे हैं. देशों के बीच वर्तमान समय में आर्थिक सहयोग
भी बेहतर हुआ है तथा व्यपारिक आदान-प्रदान तेज़ी से बढ़ रहा है. ऐसे में सीमाओं की रक्षा
के लिए खाड़ी क्षेत्र के इस देश के साथ सैन्य अभ्यास करना महत्वपूर्ण कदम है
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